An Unbiased View of Sad Shayari in Hindi

कभी कोई उसके कंधे पर सिर रखकर पूछे भी— “तू ठीक है?”

फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी।

शहर ज़ालिमों का है साहब, जरा संभल कर चलना,

क्योंकि ये कफन बार बार हटाया नहीं जाता…!

बेवकूफ़ समझती है वो मुझे, मैं बदनसीब

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